shayari in hindi

Share Market Shayari | Kuch Fark Nahi Hai Ghaav Mei | कुछ फर्क नहीं है घाव में

Golden Shayari

बेकार में बह गए हम भी
दूसरों के बहकाव में
मरहम भी लगा चुके पर
कुछ फर्क नहीं है घाव में

बच के रहना चाहिए उससे
जिसका गली गली में चर्चा है
ये शेयर मार्किट सच में

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Hindi Sad Golden Shayari | Bahut Kuch Likhna Baaki Hai | बहुत कुछ लिखना बाकी है

Golden Shayari

अभी देखा ही क्या शायद हमने..
बहुत कुछ दिखना बाकी है
ऐ कलम जरा तेज़ चल..
बहुत कुछ लिखना बाकी है

सोचता हूँ लिख दूँ बहारों पर..
पर फ़िज़ा मुझे रोक लेती

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