Sad Song | Kya Socha Tha Kya Paaya Hai | क्या सोचा था क्या पाया है

Sad Song_Shayari_Kya Socha Tha Kya Paaya Hai

गीत गज़ल और शायरी

आज की इस शायरी में आपको एक लड़की की कहानी मिलेगी जो एक गीत के रूप में लिखी है। एक लड़की एक लड़के से प्यार करती है और उसको अपना प्यार हासिल भी हो जाता है लेकिन क्या वो प्यार सदा के लिए उसका रहा , पढ़ते हैं इस कहानी में ।

क्या सोचा था क्या पाया है

क्या सोचा था क्या पाया है..
जिंदगी ने बड़ा रुलाया है
जिसकी खातिर सब कुछ छोड़ा..
उसी ने इतना सताया है
क्या सोचा था क्या पाया है

दिल ये समझ के दिया था हमने
वो तो बड़ा सलोना है
देखा उसकी पहली नज़र को..
इनमे ही अब खोना है
दोनों ने दिन कुछ ऐसे बिताये..
जाने ना कितने सपने सजाये
हुआ मिलन भी एक दिन अपना..
मेरे अपने सब हुए पराये
छोड़ के अपने आँगन को..
उसके घर को सजाया है
क्या सोचा था क्या पाया है..
जिंदगी ने बड़ा रुलाया है
जिसकी खातिर सब कुछ छोड़ा..
उसी ने इतना सताया है
क्या सोचा था क्या पाया है

दिन महीने कुछ ऐसे बीते..
प्यार से हमने दिल सबके जीते
साथ किये वफा के वायदे…
सपने सजाये हमने भी मीठे
प्यार से हमने दुनियाँ बसाई..
पर ना जाने ये फ़िजा क्यों आई
देकर हमको एक जीने की आशा..
उसने दी हमें क्यों तन्हाई
साथ है फिर भी लगता है..
जैसे कोई अपना पराया है
क्या सोचा था क्या पाया है..
जिंदगी ने बड़ा रुलाया है
जिसकी खातिर सब कुछ छोड़ा..
उसी ने इतना सताया है
क्या सोचा था क्या पाया है

जो कहते थे एक पल ना रहेंगे…
बिना तुम्हारे साये के
आज ना जाने क्यों दूर हुए हैं..
जैसे हम लगते पराये थे
ख़ुशी मिली पर नहीं मिली..
हमसे कहा जाता भी नहीं
दर्द ये अनजान मिला है दिल को..
हमसे सहा जाता भी नहीं
फूलों की चाह में हमने तो..
काँटों सा जीवन पाया है
क्या सोचा था क्या पाया है..
जिंदगी ने बड़ा रुलाया है
जिसकी खातिर सब कुछ छोड़ा..
उसी ने इतना सताया है
क्या सोचा था क्या पाया है

ना जाने क्या होगा आगे..
सहमे से रहते हैं हम
दर्द ये अपने किसको दिखायें..
खामोश ही सह लेते हैं हम
जीते हैं हम इसी आस में..
कभी तो वो पल आएगा
कभी तो उसको याद आएगी मेरी..
प्यार वो फिर से जतायेगा
सोच के यही बस अपने मन को..
हमने अब तक बहलाया है
क्या सोचा था क्या पाया है..
जिंदगी ने बड़ा रुलाया है
जिसकी खातिर सब कुछ छोड़ा..
उसी ने इतना सताया है
क्या सोचा था क्या पाया है
क्या सोचा था क्या पाया है

Sad Shayari

Kya Socha Tha Kya Paaya Hai..
Jindagi Ne Bada Rulaaya Hai
Jiski Khatir Sab Kuch Chhoda..
Usi Ne Itna Sataaya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai….

Dil Ye Samajh Ke Diya Tha Humne
Wo To Bada Salona Hai
Dekha Uski Pahli Nazar Ko..
Inme Hi Ab Khona Hai
Dono Ne Din Kuchh Aise Bitaaye..
Jaane Na Kitne Sapne Sajaaye
Hua Milan Bhi Ek Din Apna..
Mere Apne Sab Hue Paraaye
Chhod Ke Apne Aangan Ko..
Uske Ghar Ko Sajaaya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai..
Jindagi Ne Bada Rulaaya Hai
Jiski Khatir Sab Kuch Chhoda..
Usi Ne Itna Sataaya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai.

Din Mahine Kuch Aise Beete..
Pyaar Se Humne Dil Sabke Jeete
saath kiye wafa ke wayde …
Sapne Sajaaye Humne Bhi Meethe
Pyaar Se Humne Duniya Basaai..
Per Na Jane Ye Fijaa Kyon Aai
Deker Humko Ek Jeene Ki Aasha..
Usne Dee Hamei Kyon Tanhaai
Saath Hai Phir Bhi Lagta Hai..
Jaise Koi Apna Paraaya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai..
Jindgi Ne Bada Rulaaya Hai
Jiski Khatir Sab Kuch Chhoda..
Usi Ne Itna Sataya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai.

Jo Kahte The Ek Pal Na Rahenge…
Bina Tumhare Saaye Ke
Aaj Na Jaane Kyon Door Hue Hain..
Jaise Hum Lagte Paraaye The
Khushi Mili Per Nahi Mili..
Humse Kaha Jaata Bhi Nahi
Dard Ye Anjaan Mila Hai Dil Ko..
Humse Saha Jaata Bhi Nahi
Phoolon Ki Chaah Mei Humne To..
Kanto Sa Jeevan Paaya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai..
Jindagi Ne Bada Rulaaya Hai
Jiski Khatir Sab Kuch Chhoda..
Usi Ne Itna Sataaya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai.

Na Jaane Kya Hoga Aage..
Sahme Se Rahte Hain Hum
Dard Ye Apne Kisko Dikhayein..
Khamosh Hi Sah Lete Hain Hum
Jeete Hain Hum Isi Aas Mei..
Kabhi To Wo Pal Aayega
Kabhi To Usko Yaad Aayegi Meri..
Pyaar Wo Phir Se Jataayega
Soch Ke Yahi Bus Apne Mann Ko..
Humne Ab Tak Bahlaaya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai..
Jindagi Ne Bada Rulaaya Hai
Jiski Khatir Sab Kuchh Chhoda..
Usi Ne Itna Sataaya Hai
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai.
Kya Socha Tha Kya Paaya Hai

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