Chaand Shayari

आशिक हूँ जनाब देखने दो चाँद को , मुझे मेरा महबूब वहां नज़र आता है ।

मोहब्बत करने वाले कभी अपने महबूब की तुलना चाँद से करते हैं, तो कभी चाँद में अपने प्यार का दीदार करते हैं ।

चाँद और मोहब्बत के इसी रिश्ते को शायरी और गीत में लिखने का प्रयास किया हैं, आशा करता हूँ मेरी और पोस्ट की तरह ‘चाँद शायरी’ भी आपको बहुत पसंद आएगी ।

Bus Uska Didaar Baaki Hai | बस उसका दीदार बाकी है

Prem bandhan shayari

सब आये नजर बस वो ही नहीं..
जो प्यारा दिलबर साथी है
चाँद नजर मुझे आ गया..
बस उसका दीदार बाकी है
चाँद नजर मुझे आ गया..
बस उसका दीदार बाकी है

याद से रिश्ता गहरा होता..
अगर हमसे उसकी दूरी है

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Ye Chaand Bada Sharmila Hai | ये चाँद बड़ा शर्मीला है

Chaand Par Hindi Shayari

ये चाँद बड़ा शर्मीला है..
कभी आता है कभी जाता है
हम छत पर सोते है सर्दी में..
पर चाँद नज़र नहीं आता है
ये चाँद बड़ा शर्मीला है..
कभी आता है कभी जाता है

नींद नहीं हैआँखों में..
चैन नहीं उजालों में

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